व्यर्थ है। हम दोनों में परस्पर चर्चा हो चुकी है और उस चर्चा के समय उपस्थित एक सज्जन भी जानते हैं कि हम दोनों के मन में परस्पर आदर और पूज्य भावना थी। देशहित की दृष्टि से हो सकता है, उन्हें मेरा मार्ग स्वीकार नहीं हो। परंतु इससे उनकी देशभक्ति की महत्ता जरा भी कम नहीं होती
और षड्यंत्र के बारे में पूछना हो तो वे स्वयं ही कहेंगे कि इंग्लैंड में उनके एक-दो विरोधी भाषणों से प्रक्षुब्ध होकर ‘अभिनव भारत’ के कुछ नेता गुप्त बैठक
व्यर्थ है। हम दोनों में परस्पर चर्चा हो चुकी है और उस चर्चा के समय उपस्थित एक सज्जन भी जानते हैं कि हम दोनों के मन में परस्पर आदर और पूज्य भावना थी। देशहित की दृष्टि से हो सकता है, उन्हें मेरा मार्ग स्वीकार नहीं हो। परंतु इससे उनकी देशभक्ति की महत्ता जरा भी कम नहीं होती
और षड्यंत्र के बारे में पूछना हो तो वे स्वयं ही कहेंगे कि इंग्लैंड में उनके एक-दो विरोधी भाषणों से प्रक्षुब्ध होकर ‘अभिनव भारत’ के कुछ नेता गुप्त बैठक