राजबंदी प्रथम दो-तीन वर्ष महत् प्रयास से हिंदुस्थान के समाचार लाने की तथा अंदमान के समाचार हिंदुस्थान में पहुंचाने की व्यवस्था करते रहते थे। आगे-आगे उनकी वहां की स्थिति में जैसे-जैसे सुधार आने लगा और शक्ति बढ़ती गई, वैसे-वैसे हिंदुस्थान से पत्राचार चालू रखने के ये साधन अधिक परिणामकारक होने लगे और उनमें नए साधनों
की भी वृद्वि हो गई, उसकी संक्षिप्त जानकारी यथाक्रम आगे आएगी।
इस तरह थोड़े ही दिनों में राजबंदियों को निश्चित
राजबंदी प्रथम दो-तीन वर्ष महत् प्रयास से हिंदुस्थान के समाचार लाने की तथा अंदमान के समाचार हिंदुस्थान में पहुंचाने की व्यवस्था करते रहते थे। आगे-आगे उनकी वहां की स्थिति में जैसे-जैसे सुधार आने लगा और शक्ति बढ़ती गई, वैसे-वैसे हिंदुस्थान से पत्राचार चालू रखने के ये साधन अधिक परिणामकारक होने लगे और उनमें नए साधनों
की भी वृद्वि हो गई, उसकी संक्षिप्त जानकारी यथाक्रम आगे आएगी।
इस तरह थोड़े ही दिनों में राजबंदियों को निश्चित