युवा पीढ़ी उन्हीं के हाथों में जानेवाली है।’ यह किस्सा सुनाते हुए हरदयाल कहते, ‘पराए जनों के सामने खड़े रहते ही हममे एकता की भावना जाग्रत होती है।’
हम एक सौ पांच
एकता की ऐसी भावना अन्य प्रांतों की अपेक्षा महराष्ट्र में अधिक है। मैंने कई बार अनुभव किया है कि आपसी कलह राष्ट्रीय कार्य में भूलने की कला महाराष्ट्रीय नेताओं को अन्य लोगों से अधिक साध्य हो गई है।
उपरलिखित अनेक आपत्तिायों को इस तरह के अनेक उपायों से दूर करते-करते
युवा पीढ़ी उन्हीं के हाथों में जानेवाली है।’ यह किस्सा सुनाते हुए हरदयाल कहते, ‘पराए जनों के सामने खड़े रहते ही हममे एकता की भावना जाग्रत होती है।’
हम एक सौ पांच
एकता की ऐसी भावना अन्य प्रांतों की अपेक्षा महराष्ट्र में अधिक है। मैंने कई बार अनुभव किया है कि आपसी कलह राष्ट्रीय कार्य में भूलने की कला महाराष्ट्रीय नेताओं को अन्य लोगों से अधिक साध्य हो गई है।
उपरलिखित अनेक आपत्तिायों को इस तरह के अनेक उपायों से दूर करते-करते