दुष्ट सपने से अचानक जग जाने पर तुरंत हंसता-खेलता मेला लग जाएगा। इस असंभाव्य रमणीय कल्पना से मन भरभराने लगा। यह जानते हुए कि वह मात्र एक कल्पना है, वह मन को आनंद देने लगी। इसमें कोई संदेह नहीं कि दुर्भाग्य के दारूण दुःख के दिन काटते समय मिथ्या आशा, यह जानते हुए कि वह मिथ्या है, कई बार उन दुःखों की धार तनिक भोथरी करने में काम आती है।
यह समाचार सुनते ही सारे राजबंदी मेरे गले पड़ गए और कहने लगे, ‘‘अब तो विश्वास हुआ। अब तो
दुष्ट सपने से अचानक जग जाने पर तुरंत हंसता-खेलता मेला लग जाएगा। इस असंभाव्य रमणीय कल्पना से मन भरभराने लगा। यह जानते हुए कि वह मात्र एक कल्पना है, वह मन को आनंद देने लगी। इसमें कोई संदेह नहीं कि दुर्भाग्य के दारूण दुःख के दिन काटते समय मिथ्या आशा, यह जानते हुए कि वह मिथ्या है, कई बार उन दुःखों की धार तनिक भोथरी करने में काम आती है।
यह समाचार सुनते ही सारे राजबंदी मेरे गले पड़ गए और कहने लगे, ‘‘अब तो विश्वास हुआ। अब तो