उतना ही देश का अधिक कल्याण होगा।’’ मेरे इस संदेह पर तनिक झंझलाते हुए उस उत्साही मित्र ने अपने स्नेहिल क्रोध के आवेश में लोहे की हंसुली और उस पदक को पकड़कर ऐसा झटका दिया कि वह लकड़ी का पदक सचमुच ही टूटकर गिर गया। मेरी गरदन को भी तनिक खरोंच आई
शुभ शकुन
परंतु इसे भी शुभ ाकुन मानकर वे और यह समाचार अन्य कोठरियों में फेलते ही अन्य राजबंदी भी इस वार्त्ता से और भी निश्चित हो गए कि अब बालिस्टर बाबू अवश्य मुक्त होंगे। मैंने भी
उतना ही देश का अधिक कल्याण होगा।’’ मेरे इस संदेह पर तनिक झंझलाते हुए उस उत्साही मित्र ने अपने स्नेहिल क्रोध के आवेश में लोहे की हंसुली और उस पदक को पकड़कर ऐसा झटका दिया कि वह लकड़ी का पदक सचमुच ही टूटकर गिर गया। मेरी गरदन को भी तनिक खरोंच आई
शुभ शकुन
परंतु इसे भी शुभ ाकुन मानकर वे और यह समाचार अन्य कोठरियों में फेलते ही अन्य राजबंदी भी इस वार्त्ता से और भी निश्चित हो गए कि अब बालिस्टर बाबू अवश्य मुक्त होंगे। मैंने भी