में बंद होने का पुनः प्रसंग आता। इस प्रकार रूग्णावस्था में अधिक छूट तथा आराम की आवश्यकता होने पर भी उसी समय कोठरीबंदी का दंड राजबंदियों की बीमारी के दुःख को अधिक ही दुःखतर कर देता, तथापि इस आपत्तिा का भी एक लाभ उठाने के लिए उन्हें अवकाश मिलता। वह लाभ था बाहर से प्राप्त कोई समाचार भीतर बंदीशाला में बंद अपने साथियों तक पहुंचाना। बीमार पड़कर जब किसी को बंदीशाला के रूग्णालय में बाहर से भेजा जाता तब वह अपने बोरिया-बिस्तर के
में बंद होने का पुनः प्रसंग आता। इस प्रकार रूग्णावस्था में अधिक छूट तथा आराम की आवश्यकता होने पर भी उसी समय कोठरीबंदी का दंड राजबंदियों की बीमारी के दुःख को अधिक ही दुःखतर कर देता, तथापि इस आपत्तिा का भी एक लाभ उठाने के लिए उन्हें अवकाश मिलता। वह लाभ था बाहर से प्राप्त कोई समाचार भीतर बंदीशाला में बंद अपने साथियों तक पहुंचाना। बीमार पड़कर जब किसी को बंदीशाला के रूग्णालय में बाहर से भेजा जाता तब वह अपने बोरिया-बिस्तर के