अन्यथा उस दिन किसी-न-किसी झंझट में फंसाकर वे पीठ पर दो-चार डंडे बरसाते थे। एक पठान, जिसका नाम मिर्जा खान था, वहां प्रमुख जमादार हो गया और ‘छोटा बारी’ के नाम से उसका काफी बोलबाला था। वह सिर चढ़ा था। कई बार दस-बारह रोटियां इकट्ठी करने के लिए वह किसी पठान वाॅर्डर को आंखों से संकेत करता और स्वयं उस पर टिकी होती जो रोटियां बटोरता है। वाॅर्डर की मांग के अनुसार यदि कोई हिंदू बंदीवान रोटियां देने से इन्कार करता तो मिर्जा खान तुरंत
अन्यथा उस दिन किसी-न-किसी झंझट में फंसाकर वे पीठ पर दो-चार डंडे बरसाते थे। एक पठान, जिसका नाम मिर्जा खान था, वहां प्रमुख जमादार हो गया और ‘छोटा बारी’ के नाम से उसका काफी बोलबाला था। वह सिर चढ़ा था। कई बार दस-बारह रोटियां इकट्ठी करने के लिए वह किसी पठान वाॅर्डर को आंखों से संकेत करता और स्वयं उस पर टिकी होती जो रोटियां बटोरता है। वाॅर्डर की मांग के अनुसार यदि कोई हिंदू बंदीवान रोटियां देने से इन्कार करता तो मिर्जा खान तुरंत