परंतु आज हम जो संघर्ष कर रहे हैं। वह इसलिए कि हजारों लोगों को जीवित रहने के लिए जरूरी स्वादिष्ट भोजन मिले। वह इसलिए कि हजारों लोगों को जीवित रहने के लिए जरूरी स्वादिष्ट भोजन मिले। मात्र पेट होता तो हम अपने-अपने घर आयरलैंड¹ की सड़कों पर एक शिलिंग भर की दिहाड़ी पर कोदो नहीं दल रहे थे! ऐसे प्रसंग के बाद भी सभी राजबंदी इन महाशय को धिक्कारने लगे और अन्य बंदी कहने लगे कि आप स्वयं ही पहले कह रहे थे कि मिट्टी का तेल है। तब इन महाशय ने शांति से उत्तर दिय, अन्न विषयक प्रतिरोध
परंतु आज हम जो संघर्ष कर रहे हैं। वह इसलिए कि हजारों लोगों को जीवित रहने के लिए जरूरी स्वादिष्ट भोजन मिले। वह इसलिए कि हजारों लोगों को जीवित रहने के लिए जरूरी स्वादिष्ट भोजन मिले। मात्र पेट होता तो हम अपने-अपने घर आयरलैंड¹ की सड़कों पर एक शिलिंग भर की दिहाड़ी पर कोदो नहीं दल रहे थे! ऐसे प्रसंग के बाद भी सभी राजबंदी इन महाशय को धिक्कारने लगे और अन्य बंदी कहने लगे कि आप स्वयं ही पहले कह रहे थे कि मिट्टी का तेल है। तब इन महाशय ने शांति से उत्तर दिय, अन्न विषयक प्रतिरोध