करना पेटू लोगों का ओछा कृत्य हैं परंतु यही महाशय जब गरीगोले का टुकड़ा। चराने के लिए आधा-आधा घंटा ताक मंे रहते, तब वह पेटूपन अपनी पेट पूजा होने से भारी तथा शिष्ट कृत्य बन जाता।
राजबंदियों में पेटू
राजबंदियों में से जो कोई बारी साहब का तोता बनकर अन्य लोगों को उपदेश करता कि अन्न के लिए पेटू लो ही लड़ते हैं और उनसे कहे कि बंदीगृह का भोजन सुधारने के लिए प्रतिवाद और प्रयास मत करना, वे अपने लिए बारी साहब की मेज पर फल अथवा
करना पेटू लोगों का ओछा कृत्य हैं परंतु यही महाशय जब गरीगोले का टुकड़ा। चराने के लिए आधा-आधा घंटा ताक मंे रहते, तब वह पेटूपन अपनी पेट पूजा होने से भारी तथा शिष्ट कृत्य बन जाता।
राजबंदियों में पेटू
राजबंदियों में से जो कोई बारी साहब का तोता बनकर अन्य लोगों को उपदेश करता कि अन्न के लिए पेटू लो ही लड़ते हैं और उनसे कहे कि बंदीगृह का भोजन सुधारने के लिए प्रतिवाद और प्रयास मत करना, वे अपने लिए बारी साहब की मेज पर फल अथवा