मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

एकाध डबलरोटी का टुकड़ा पाकर उसे अस्वीकार कभी नहीं करते। जेल में कोई गुपचुप चटनी चुरा पाए अथवा प्याज छिपा लाए तो उसे भी साभार स्वीकार करके चोरी-छिपे चबाने में पेटूपन नहीं समझते।

परंतु राजबंदियों में सभी लोग इतने काठ के उल्लू नहीं होते जो इस प्रकार के रूखे एवं भीरू उपदेशकों की परवाह करें। वे बार-बार कच्ची रोटियां, कच्चे चावल, मिट्टी के तेलमिश्रित सब्जी आदि चीजों को पकड़कर उस पर हंगामा तथा प्रतिवाद करते ही रहते थे। उस दृष्टि


765 of 2228

एकाध डबलरोटी का टुकड़ा पाकर उसे अस्वीकार कभी नहीं करते। जेल में कोई गुपचुप चटनी चुरा पाए अथवा प्याज छिपा लाए तो उसे भी साभार स्वीकार करके चोरी-छिपे चबाने में पेटूपन नहीं समझते।

परंतु राजबंदियों में सभी लोग इतने काठ के उल्लू नहीं होते जो इस प्रकार के रूखे एवं भीरू उपदेशकों की परवाह करें। वे बार-बार कच्ची रोटियां, कच्चे चावल, मिट्टी के तेलमिश्रित सब्जी आदि चीजों को पकड़कर उस पर हंगामा तथा प्रतिवाद करते ही रहते थे। उस दृष्टि


765 of 2228