में भेजा जाता। उन ढेरों की बड़ी-बड़ी गड्डियां बनाकर, दो-चार बार काट उन्हें उस महाकाय कड़ाह में डाला जाता और उबाला जाता। बंदियों के लिए प्रायः इसी प्रकार सब्जी पकाई जाती। इस तरह के काम में प्रायः इतनी लापरवाही बरती जाती कि कभी-कभी साग के इन ढेरों में बड़े-बड़े कनखजूरे तथा सांप भी उन कड़ाहों में जा पकते। वह अधपकी सब्जी जब परोसी जाती तब इन्हें भी फटाफट परोसा जाता। खाते-खाते साग का पत्ता समझकर उठाई गई कनखजूरा होती। यद्यपि अंदमान
में भेजा जाता। उन ढेरों की बड़ी-बड़ी गड्डियां बनाकर, दो-चार बार काट उन्हें उस महाकाय कड़ाह में डाला जाता और उबाला जाता। बंदियों के लिए प्रायः इसी प्रकार सब्जी पकाई जाती। इस तरह के काम में प्रायः इतनी लापरवाही बरती जाती कि कभी-कभी साग के इन ढेरों में बड़े-बड़े कनखजूरे तथा सांप भी उन कड़ाहों में जा पकते। वह अधपकी सब्जी जब परोसी जाती तब इन्हें भी फटाफट परोसा जाता। खाते-खाते साग का पत्ता समझकर उठाई गई कनखजूरा होती। यद्यपि अंदमान