तक इस प्रकार के सैकड़ों कनखजूरे इन लोगों ने निकालकर फंेक दिए हैं और चुपचाप सब्जी खाई है, परंतु आज तक उनमें से एक भी मरा नहीं ।’’
बारी साहब की शायद यह धारणा थी कि जब इस तरह की विषैली सब्जी खाकर कोई बंदी मरे, तभी उस सब्जी को सुधारने का उचित समय आएगा।
उत्तरदायित्व हिंदू पेटी अफसर पर
डांट-डपट अथवा सहलाने-पुचकारने से भोजन विषयक अथवा बारी साहब के और कुल प्रबंध के विरूद्व किए गए हमारे प्रतिवादों के मुहं बंद नहीं हुए तो
तक इस प्रकार के सैकड़ों कनखजूरे इन लोगों ने निकालकर फंेक दिए हैं और चुपचाप सब्जी खाई है, परंतु आज तक उनमें से एक भी मरा नहीं ।’’
बारी साहब की शायद यह धारणा थी कि जब इस तरह की विषैली सब्जी खाकर कोई बंदी मरे, तभी उस सब्जी को सुधारने का उचित समय आएगा।
उत्तरदायित्व हिंदू पेटी अफसर पर
डांट-डपट अथवा सहलाने-पुचकारने से भोजन विषयक अथवा बारी साहब के और कुल प्रबंध के विरूद्व किए गए हमारे प्रतिवादों के मुहं बंद नहीं हुए तो