मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas




वह मरा। यह कहने पर भी कि ‘वह सिरफिरा हो गया था’ यह प्रश्न सुलझाते समय कि उसका सिर क्यों फिर गया- पुनः आपको उसी सत्य को स्वीकार करना होगा।’’ इस तरह मेरा बारी साहब के साथ संवाद हुआ। साहब महोदय का कोपभाजन बनने के मेरे लिए जो अनेक कारण थे, उनमें एक महत्तवपूर्ण कारण यह था कि मैं स्पष्ट रूप में यह प्रतिपादित करता रहा कि इंदु की फांसी का उत्तरदायित्तव उन यातनाओं पर है जो कारावास में राजबंदियों को भोगनी पड़ती हैं। वैसे उस भयंकर


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वह मरा। यह कहने पर भी कि ‘वह सिरफिरा हो गया था’ यह प्रश्न सुलझाते समय कि उसका सिर क्यों फिर गया- पुनः आपको उसी सत्य को स्वीकार करना होगा।’’ इस तरह मेरा बारी साहब के साथ संवाद हुआ। साहब महोदय का कोपभाजन बनने के मेरे लिए जो अनेक कारण थे, उनमें एक महत्तवपूर्ण कारण यह था कि मैं स्पष्ट रूप में यह प्रतिपादित करता रहा कि इंदु की फांसी का उत्तरदायित्तव उन यातनाओं पर है जो कारावास में राजबंदियों को भोगनी पड़ती हैं। वैसे उस भयंकर


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