रूप से उत्पन्न होती हैं। उन चर्चाओं का असर किसी पर भी नहीं हुआ जो इस चर्चा में भाग लेते थे। इसका परिणाम इंदु जैसे पक्के बुद्वि के युवक पर कैसे हुआ जो नित्य ही विवादों के धक्के, चपेटे सहता आया था? भला उसका मन इतनी दुर्बल अवस्था तक किसने पहुंचाया? कारण? असहनीय कष्ट। जेल में कष्ट, बाहर भी जहां जाता था वहां असह्म कष्ट और यातनाएं। पुनः काम को नकारता हुआ भीतर आया तो स्वागतार्थ कोल्हू तैयार। अतः वह स्पष्ट कहने लगा, ‘मैं फांसी लगाकर मर जाऊंगा’ और इसीलिए
रूप से उत्पन्न होती हैं। उन चर्चाओं का असर किसी पर भी नहीं हुआ जो इस चर्चा में भाग लेते थे। इसका परिणाम इंदु जैसे पक्के बुद्वि के युवक पर कैसे हुआ जो नित्य ही विवादों के धक्के, चपेटे सहता आया था? भला उसका मन इतनी दुर्बल अवस्था तक किसने पहुंचाया? कारण? असहनीय कष्ट। जेल में कष्ट, बाहर भी जहां जाता था वहां असह्म कष्ट और यातनाएं। पुनः काम को नकारता हुआ भीतर आया तो स्वागतार्थ कोल्हू तैयार। अतः वह स्पष्ट कहने लगा, ‘मैं फांसी लगाकर मर जाऊंगा’ और इसीलिए