मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

का काम दिया गया अर्थात् मुझे प्रातःकाल से लेकर दोपहर तक गीली ईटों को लाते-पहुंचाते हुए अविरत भागना पड़ता। यह काम साधारण बंदियों को


भी इतना उबाऊ तथा श्रमपूर्ण प्रतीत होता कि उन्हें थोड़े से दूध का प्रलोभन दिखाया जाता, ताकि वे इस काम में लगे रहें। परंतु यह दूध बंदियों की थाली में पड़ते ही उसपर पेटी अफसर अथवा तंडेल की गिद्व दृष्टि पड़ती। मुझे भी दूध मिलने लगा, परंतु मैंने इधर-उधर न देखते हुए उसे गट से गले के नीचे उतार दिया।


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का काम दिया गया अर्थात् मुझे प्रातःकाल से लेकर दोपहर तक गीली ईटों को लाते-पहुंचाते हुए अविरत भागना पड़ता। यह काम साधारण बंदियों को


भी इतना उबाऊ तथा श्रमपूर्ण प्रतीत होता कि उन्हें थोड़े से दूध का प्रलोभन दिखाया जाता, ताकि वे इस काम में लगे रहें। परंतु यह दूध बंदियों की थाली में पड़ते ही उसपर पेटी अफसर अथवा तंडेल की गिद्व दृष्टि पड़ती। मुझे भी दूध मिलने लगा, परंतु मैंने इधर-उधर न देखते हुए उसे गट से गले के नीचे उतार दिया।


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