यह निश्चित है कि आप पागल हो गए हैं। अब आप और आपके वरिष्ठ अधिकारी राजबंदियों की तरह एक स्वतंत्र वर्ग समझकर हमंे सुविधा दें, अन्यथा कम-से-कम साधारण बंदियों के समान ही हमसे व्यवहार करें। परंतु वर्तमान की ये विलक्षण यंत्रणाएं तो समाप्त करें, अन्यथा हड़ताल के अतिरिक्त हमारे पास अन्य कोई मार्ग शेष नहीं रहेगा। ऐसा नहीं कि हड़ताल से हम आपकी शक्ति को टक्कर दे सकें, परंतु हमारे मन को कम-से-कम यह तुष्टि तो मिलेगी कि हपने यथासंभव अन्याय एवं अपमान का प्रतिवाद तथा प्रतिकार किया।’’
यह निश्चित है कि आप पागल हो गए हैं। अब आप और आपके वरिष्ठ अधिकारी राजबंदियों की तरह एक स्वतंत्र वर्ग समझकर हमंे सुविधा दें, अन्यथा कम-से-कम साधारण बंदियों के समान ही हमसे व्यवहार करें। परंतु वर्तमान की ये विलक्षण यंत्रणाएं तो समाप्त करें, अन्यथा हड़ताल के अतिरिक्त हमारे पास अन्य कोई मार्ग शेष नहीं रहेगा। ऐसा नहीं कि हड़ताल से हम आपकी शक्ति को टक्कर दे सकें, परंतु हमारे मन को कम-से-कम यह तुष्टि तो मिलेगी कि हपने यथासंभव अन्याय एवं अपमान का प्रतिवाद तथा प्रतिकार किया।’’