मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

उसे पत्र दे दो। अतः नाम बाहर नहीं फूटा। परंतु मुझपर अभियोग लगाकर मुझे एक मास तक पृथक् कोठरीबंद का दंड मिला। उस दंड से बाहर निकलकर कुछ महीने बीते ही थे कि इस भविष्य की चर्चा गुपचुप भेजनेवाला ही था कि मेरी तलाशी लेने के लिए अधिकारी आ धमके। मैंने तुरंत उस पत्र को फंेक दिया। वह और किसी को मिला और वह पकड़ा गया। वह पत्र मोड़ी में लिखा था। अतः अपने अधिकार के एक बंगाली कारिदंे द्वारा इस तरह झूठी गवाही दिलवाकर कि यह पत्र मोड़ी में


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उसे पत्र दे दो। अतः नाम बाहर नहीं फूटा। परंतु मुझपर अभियोग लगाकर मुझे एक मास तक पृथक् कोठरीबंद का दंड मिला। उस दंड से बाहर निकलकर कुछ महीने बीते ही थे कि इस भविष्य की चर्चा गुपचुप भेजनेवाला ही था कि मेरी तलाशी लेने के लिए अधिकारी आ धमके। मैंने तुरंत उस पत्र को फंेक दिया। वह और किसी को मिला और वह पकड़ा गया। वह पत्र मोड़ी में लिखा था। अतः अपने अधिकार के एक बंगाली कारिदंे द्वारा इस तरह झूठी गवाही दिलवाकर कि यह पत्र मोड़ी में


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