मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

युवावस्था में अंग्रेजों के विरूद्व मैंने भी पड्यंत्र रचे हैं। अरे, मुझे अपना दुश्मन क्यों समझते हो? बस इतना ही है कि सरकारी नौकर होने के नाते मुझे आदेशों को पालन करना पड़ता है। यदि इससे आपको कष्ट हो तो सरकार को दोष दें। मैं निरपराध हूं। इस तरह चापलूसी करते हुए ऊपर से एकाध समाचार भी दे देता। बहुत प्रसन्न होने पर एकाध अंगे्रजी पक्ष का अखबार भी पढ़ने के लिए दे देता। हम भी उसे उन सुविधाओं के लिए ईमानदारी से, पर जितना आवश्यक था, उतना ही धन्यवाद देते।


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युवावस्था में अंग्रेजों के विरूद्व मैंने भी पड्यंत्र रचे हैं। अरे, मुझे अपना दुश्मन क्यों समझते हो? बस इतना ही है कि सरकारी नौकर होने के नाते मुझे आदेशों को पालन करना पड़ता है। यदि इससे आपको कष्ट हो तो सरकार को दोष दें। मैं निरपराध हूं। इस तरह चापलूसी करते हुए ऊपर से एकाध समाचार भी दे देता। बहुत प्रसन्न होने पर एकाध अंगे्रजी पक्ष का अखबार भी पढ़ने के लिए दे देता। हम भी उसे उन सुविधाओं के लिए ईमानदारी से, पर जितना आवश्यक था, उतना ही धन्यवाद देते।


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