इन दो अभियोगों के अतिरिक्त हम पर प्रथम डेढ़ वर्ष में कोई अभियोग नहीं लगा था। जो राजबंदी बाहर निकले थे, उनमें कुछ ऐसे थे जिनपर इस तरह की चिट्टियां भेजने के अपराध में कई बार अभियोग चलाए गए थे। इतना ही नहीं, ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने हड़ताल में भी भाग लिया था, अतः मैंने आवेदन-पत्रों की बौछार करना आरंभ किया कि उनकी तरह मुझे भी बाहर रखा जाए। मेरे बंधु को तो ढाई वर्ष हो चुके थे। मुझे कभी उत्तर मिलता, ‘आप उस राजद्रोही वर्ग के
इन दो अभियोगों के अतिरिक्त हम पर प्रथम डेढ़ वर्ष में कोई अभियोग नहीं लगा था। जो राजबंदी बाहर निकले थे, उनमें कुछ ऐसे थे जिनपर इस तरह की चिट्टियां भेजने के अपराध में कई बार अभियोग चलाए गए थे। इतना ही नहीं, ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने हड़ताल में भी भाग लिया था, अतः मैंने आवेदन-पत्रों की बौछार करना आरंभ किया कि उनकी तरह मुझे भी बाहर रखा जाए। मेरे बंधु को तो ढाई वर्ष हो चुके थे। मुझे कभी उत्तर मिलता, ‘आप उस राजद्रोही वर्ग के