देते हुए हमें लेखन कार्य पर अथवा वह भी नहीं देना हो तो किसी-न-किसी छांव के सुसह्म हस्त व्यवसाय के कार्याें पर लगाया जाए और हममें जो ऐसे राजबंदी हो जिन्हें सावधि दंड अर्थात् आजन्म कालेपानी का दंड नहीं हुआ था, उन्हें छूट दी जाए, जैसे अपने देश के कारागृहों में पत्र, भेंट, छूट आदि जो लाभ बंदियों को मिलते हैं, वह हमें इसलिए नहीं मिलते क्यांेकि हमें कालेपानी का दंड मिल गया है और कालेपानी पर लेखन कार्य, बाहर स्वच्छंद विचरण,
देते हुए हमें लेखन कार्य पर अथवा वह भी नहीं देना हो तो किसी-न-किसी छांव के सुसह्म हस्त व्यवसाय के कार्याें पर लगाया जाए और हममें जो ऐसे राजबंदी हो जिन्हें सावधि दंड अर्थात् आजन्म कालेपानी का दंड नहीं हुआ था, उन्हें छूट दी जाए, जैसे अपने देश के कारागृहों में पत्र, भेंट, छूट आदि जो लाभ बंदियों को मिलते हैं, वह हमें इसलिए नहीं मिलते क्यांेकि हमें कालेपानी का दंड मिल गया है और कालेपानी पर लेखन कार्य, बाहर स्वच्छंद विचरण,