मेरे बाहर निकलने के प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि बाहर निकले हुए राजबंदियों के कष्ट अधिकाधिक बढ़ने लगे। जैसाकि ऊपर निर्देश किया है, इंदुभूषण के जीवन-विनाश विषयक भी कुछ-न-कुछ प्रतिवाद, कुछ प्रतिकार करना सभी अपना कर्तव्य समझने लगे। अंत में चर्चा हुई और तय किया गया कि सार्वजनिक हड़ताल की जाए। ‘जिस तरह यंत्रणा देते समय हमें राजबंदी समझा जाता है उसी तरह सुविधा देते समय भी समझा जाए, बाहर अथवा भीतर अत्यंत कष्टप्रद परिश्रम न
मेरे बाहर निकलने के प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि बाहर निकले हुए राजबंदियों के कष्ट अधिकाधिक बढ़ने लगे। जैसाकि ऊपर निर्देश किया है, इंदुभूषण के जीवन-विनाश विषयक भी कुछ-न-कुछ प्रतिवाद, कुछ प्रतिकार करना सभी अपना कर्तव्य समझने लगे। अंत में चर्चा हुई और तय किया गया कि सार्वजनिक हड़ताल की जाए। ‘जिस तरह यंत्रणा देते समय हमें राजबंदी समझा जाता है उसी तरह सुविधा देते समय भी समझा जाए, बाहर अथवा भीतर अत्यंत कष्टप्रद परिश्रम न