होने के कारण मैं यही कहने लगा कि हड़ताल समाप्त करके काम करें। यदि अनुबंध के अनुसार सभी को बाहर नहीं भेजा गया, तो पुनः
हड़ताल करें। थोड़े ही दिनों में मेरे बंधु के साथ सभी काम करने लगे।
अधिकारियों ने भी अनुबंध के अनुसार अनेक राजबंदियों को पुनः बाहर भेजा। कुल मिलाकर काम भी पहले से अधिक हलका- नारियल पर पहरा देना, झाड़ू-बुहारना आदि। वस्तुतः सभी को इसी तरह बाहर भेजा जाता तो यह हड़ताल वहीं पर समाप्त हो जाती, परंतु लोगों के
होने के कारण मैं यही कहने लगा कि हड़ताल समाप्त करके काम करें। यदि अनुबंध के अनुसार सभी को बाहर नहीं भेजा गया, तो पुनः
हड़ताल करें। थोड़े ही दिनों में मेरे बंधु के साथ सभी काम करने लगे।
अधिकारियों ने भी अनुबंध के अनुसार अनेक राजबंदियों को पुनः बाहर भेजा। कुल मिलाकर काम भी पहले से अधिक हलका- नारियल पर पहरा देना, झाड़ू-बुहारना आदि। वस्तुतः सभी को इसी तरह बाहर भेजा जाता तो यह हड़ताल वहीं पर समाप्त हो जाती, परंतु लोगों के