मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

जिन पर मुझसे अधिक बार कारागारीय अभियोग चलाए गए, जो एक बार बाहर भेजने पर भ्ज्ञी उधर काम न करते हुए पुनः वापस लौट आए; क्यांेकि निरूपाय होकर उन्हें हड़ताल में भाग लेना पड़ा। परंतु जब मैंने पूछा कि जो उचित बात उनके लिए की गई, वही मेरे संबंध में क्यों नहीं की जाती, तो अधिकारी कुछ भी उत्तर नहीं दे सके। चीफ कमिश्नर ने लिखा था-‘आपका हिंदुस्थान स्थित पूर्वेतिहास हमें आपको बाहर भेजने से रोकता है।’ उसका उत्तर भी मैंने दिया था-‘मेरे समान जो बाहर गए हैं,


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जिन पर मुझसे अधिक बार कारागारीय अभियोग चलाए गए, जो एक बार बाहर भेजने पर भ्ज्ञी उधर काम न करते हुए पुनः वापस लौट आए; क्यांेकि निरूपाय होकर उन्हें हड़ताल में भाग लेना पड़ा। परंतु जब मैंने पूछा कि जो उचित बात उनके लिए की गई, वही मेरे संबंध में क्यों नहीं की जाती, तो अधिकारी कुछ भी उत्तर नहीं दे सके। चीफ कमिश्नर ने लिखा था-‘आपका हिंदुस्थान स्थित पूर्वेतिहास हमें आपको बाहर भेजने से रोकता है।’ उसका उत्तर भी मैंने दिया था-‘मेरे समान जो बाहर गए हैं,


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