बन गई थी कि चमड़ी उधेड़ने की केवल धमकी ही दी जा रही है, तथापि हड़ताल में मैं हमेशा कहता था कि आज्ञा भले ही ऐसी हो परंतु उसमें परिवर्तन लाना भी उनके हाथ में है, अतः हमें यह मान करके ही कि समय पर बंेत भी बरसेंगे, हड़ताल में सम्मिलित होना चाहिए। बीस वर्षीय यःकश्चित् डाकू और चोर तीस-तीस बेंत बरसने तक चूं तक
नहीं करते, इसका कारण बाल्यावस्था से ही अभ्यस्त होकर उनका ढीठ बन जाता है। हम भी निश्चय करने पर ढीठ बन सकते हैं। कोड़े बरसाए
बन गई थी कि चमड़ी उधेड़ने की केवल धमकी ही दी जा रही है, तथापि हड़ताल में मैं हमेशा कहता था कि आज्ञा भले ही ऐसी हो परंतु उसमें परिवर्तन लाना भी उनके हाथ में है, अतः हमें यह मान करके ही कि समय पर बंेत भी बरसेंगे, हड़ताल में सम्मिलित होना चाहिए। बीस वर्षीय यःकश्चित् डाकू और चोर तीस-तीस बेंत बरसने तक चूं तक
नहीं करते, इसका कारण बाल्यावस्था से ही अभ्यस्त होकर उनका ढीठ बन जाता है। हम भी निश्चय करने पर ढीठ बन सकते हैं। कोड़े बरसाए