को जो अपमान वह सत्रह वर्ष का बालक निरंतर कर रहा था वह उन्हें बेचैन किए हुए था। बारी के अनुसार एक बार इन राजबंदियों में से दो-तीन जनों की चमड़ी उधेड़ दी तो इस बाबू लोगों के होश तुरंत ठिकाने आ जांएगे। साधारण बंदियों का उसे यही अनुभव था। इससे विपरीत पक्ष में हममें से दो-तीन युवक, जो अखबारों के संपादक थे-कहते कि मार्ले की आज्ञा उन्होंने स्वयं पढ़ी है कि राजबंदियों पर बेंत नहीं बरसाने चाहिए। इस वार्त्ता से प्रायः हमारी यह धारणा
को जो अपमान वह सत्रह वर्ष का बालक निरंतर कर रहा था वह उन्हें बेचैन किए हुए था। बारी के अनुसार एक बार इन राजबंदियों में से दो-तीन जनों की चमड़ी उधेड़ दी तो इस बाबू लोगों के होश तुरंत ठिकाने आ जांएगे। साधारण बंदियों का उसे यही अनुभव था। इससे विपरीत पक्ष में हममें से दो-तीन युवक, जो अखबारों के संपादक थे-कहते कि मार्ले की आज्ञा उन्होंने स्वयं पढ़ी है कि राजबंदियों पर बेंत नहीं बरसाने चाहिए। इस वार्त्ता से प्रायः हमारी यह धारणा