मिलता- वह काम छोड़ देने से सरकारी दंड-स्वरूप कम मात्रा में दिया जाता-उसे खाकर राजबंदी ऊपर से नारियल की गरी चट करने लगे, परंतु काम नहीं करते। ‘भूखे क्यों मरते हो, छीन-झपटकर भोजन करो, हट्टे-कट्टे बनो। हां, काम मत करना।’ मेरे इस मंत्र का सभी ने अनुकरण किया। तब उन राजबंदियों पर, जो सावधि दंड प्राप्त थे, काम छोड़ने के अपराध में सभी कारागृहीय दंड समाप्त होने के कारण मजिस्टेªट के सामने अभियोग चलाए गए। किसी के दंड में दो महीनों की वृद्वि की गई,
मिलता- वह काम छोड़ देने से सरकारी दंड-स्वरूप कम मात्रा में दिया जाता-उसे खाकर राजबंदी ऊपर से नारियल की गरी चट करने लगे, परंतु काम नहीं करते। ‘भूखे क्यों मरते हो, छीन-झपटकर भोजन करो, हट्टे-कट्टे बनो। हां, काम मत करना।’ मेरे इस मंत्र का सभी ने अनुकरण किया। तब उन राजबंदियों पर, जो सावधि दंड प्राप्त थे, काम छोड़ने के अपराध में सभी कारागृहीय दंड समाप्त होने के कारण मजिस्टेªट के सामने अभियोग चलाए गए। किसी के दंड में दो महीनों की वृद्वि की गई,