मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas



मैं: पत्र भेजने में मुझे अति प्रसन्नता होगी। परंतु वह मेरी ओर से उन्हें स्वतंत्र रूप में भेजा जाए, तभी लाभ की आशा है।

सर: पत्र हमारे द्वारा जाना चाहिए।

मैं: उससे क्या वे ऐसा नहीं सोचेंगे कि मैंने वह पत्र सरकारी दबाव में आकर भेजा है? अच्छा तो है कि पत्र मैं स्वतंत्र रूप से ही भेजूं।

सर: ऐसा हम नहीं कर सकते।

मैं: तो फिर सरकार के हाथों पत्र भेजने में कोई लाभ है, यह मुझे नहीं लगता।

सर: (व्यंग्य दृष्टि से मेरी


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मैं: पत्र भेजने में मुझे अति प्रसन्नता होगी। परंतु वह मेरी ओर से उन्हें स्वतंत्र रूप में भेजा जाए, तभी लाभ की आशा है।

सर: पत्र हमारे द्वारा जाना चाहिए।

मैं: उससे क्या वे ऐसा नहीं सोचेंगे कि मैंने वह पत्र सरकारी दबाव में आकर भेजा है? अच्छा तो है कि पत्र मैं स्वतंत्र रूप से ही भेजूं।

सर: ऐसा हम नहीं कर सकते।

मैं: तो फिर सरकार के हाथों पत्र भेजने में कोई लाभ है, यह मुझे नहीं लगता।

सर: (व्यंग्य दृष्टि से मेरी


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