ओर सस्मित मुद्रा में देखते हुए मानो हम दोनों एक-दूसरे को खूब जानते हैं) अच्छा, आपकी क्या शिकायत है?
इसके पश्चात् मैं कारागृहीय दुःखों की रामकहानी सुनाने लगा। राजबंदियों के कष्टों का वर्णन करते-करते ‘सर’ साहब के साथ आए हुए हमारे चीफ कमिश्नर ने कहा, ‘‘परंतु तुम राजबंदियों ने अत्याचारों और खूनी षड्यंत्र रचा थां यदि हिंदुस्थान पर आज रूसी लोगों का राज होता तो आप जैसे बागियों को वे साइबेरिया भेजते अथवा गोलियों से उड़ा देते।
ओर सस्मित मुद्रा में देखते हुए मानो हम दोनों एक-दूसरे को खूब जानते हैं) अच्छा, आपकी क्या शिकायत है?
इसके पश्चात् मैं कारागृहीय दुःखों की रामकहानी सुनाने लगा। राजबंदियों के कष्टों का वर्णन करते-करते ‘सर’ साहब के साथ आए हुए हमारे चीफ कमिश्नर ने कहा, ‘‘परंतु तुम राजबंदियों ने अत्याचारों और खूनी षड्यंत्र रचा थां यदि हिंदुस्थान पर आज रूसी लोगों का राज होता तो आप जैसे बागियों को वे साइबेरिया भेजते अथवा गोलियों से उड़ा देते।