अतः आप अपना अहोभाग्य समझिए कि हम अंग्रेज आपके साथ इतना ही ‘नृशंस’ व्यवहार करते हैं।’’
मैं: परंतु रूसियों का शासन होता तो वे हिंदुस्थान को इतना निहत्या नहीं करते। आज हमारे लोग भी सेनापति बन सकते थे, जैसे रूसी, साइबेरिया आदि राज्यों में वहां के लोग अधिकारी और सेनापति बन सकते हैं। और जिस तरह मुगलों के साथ हुआ था, उसी तरह हम सरेआम विद्रोह करते हुए शीध्र स्वााधीनता भी प्राप्त कर सकते थे।
सर: आपका हिंदु प्रशासन होता तो
अतः आप अपना अहोभाग्य समझिए कि हम अंग्रेज आपके साथ इतना ही ‘नृशंस’ व्यवहार करते हैं।’’
मैं: परंतु रूसियों का शासन होता तो वे हिंदुस्थान को इतना निहत्या नहीं करते। आज हमारे लोग भी सेनापति बन सकते थे, जैसे रूसी, साइबेरिया आदि राज्यों में वहां के लोग अधिकारी और सेनापति बन सकते हैं। और जिस तरह मुगलों के साथ हुआ था, उसी तरह हम सरेआम विद्रोह करते हुए शीध्र स्वााधीनता भी प्राप्त कर सकते थे।
सर: आपका हिंदु प्रशासन होता तो