और भी अधिक नृशंसता होती। विद्रोहियों को हाथी के पैंरों के तले कुचलकर मारा जाता था।
मैं: जी हां! और इंग्लैंड में तो केवल चोरी के अपराध में भरे रास्ते घसीटकर अपराधियों को फांसी पर चढ़ाया जाता था। परंतु इसीलिए कि ‘हुआ करता था’ आज कोई चोरों को सूली पर चढ़ाता है क्या? परंतु सत्य यह है कि दोनों पक्षों को मनुष्यजाति के सार्वजनिक सुधार का लाभ प्राप्त होता है। प्राचीनकाल में विद्रोहियों को हाथी के पांव के नीचे कुचला जाता था तो
और भी अधिक नृशंसता होती। विद्रोहियों को हाथी के पैंरों के तले कुचलकर मारा जाता था।
मैं: जी हां! और इंग्लैंड में तो केवल चोरी के अपराध में भरे रास्ते घसीटकर अपराधियों को फांसी पर चढ़ाया जाता था। परंतु इसीलिए कि ‘हुआ करता था’ आज कोई चोरों को सूली पर चढ़ाता है क्या? परंतु सत्य यह है कि दोनों पक्षों को मनुष्यजाति के सार्वजनिक सुधार का लाभ प्राप्त होता है। प्राचीनकाल में विद्रोहियों को हाथी के पांव के नीचे कुचला जाता था तो