मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

खड़ा किया गया। मेरा अपेक्षित पत्र आ गया। परंतु मुझे कहा गया, आपके पत्र में आपत्तिाजनक लेखन है, अतः आपको पत्र नहीं दिया जाएगा। पत्र आते ही मैं हड़ताल में सम्मिलित हो गया। दो1 सप्ताह के लिए आड़ी-बेड़ी2 का दंड मिला। उसके पश्चात् हथकड़ी, उसके पश्चात् सांकल बेड़ी। इस तरह दंड बढ़ते रहे। हमारे सहायकों ने गुप्त रूप से हमें सूचित किया कि उस पत्र में आपत्तिाजनक क्या है। वह आपत्तिाजनक विधान था-उस वर्ष पार्लियामेंट में करहार्डी द्वारा मुझसे


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खड़ा किया गया। मेरा अपेक्षित पत्र आ गया। परंतु मुझे कहा गया, आपके पत्र में आपत्तिाजनक लेखन है, अतः आपको पत्र नहीं दिया जाएगा। पत्र आते ही मैं हड़ताल में सम्मिलित हो गया। दो1 सप्ताह के लिए आड़ी-बेड़ी2 का दंड मिला। उसके पश्चात् हथकड़ी, उसके पश्चात् सांकल बेड़ी। इस तरह दंड बढ़ते रहे। हमारे सहायकों ने गुप्त रूप से हमें सूचित किया कि उस पत्र में आपत्तिाजनक क्या है। वह आपत्तिाजनक विधान था-उस वर्ष पार्लियामेंट में करहार्डी द्वारा मुझसे


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