बेड़ियों का दंड मिला। नानी गोपाल को अन्न-त्याग करते हुए डेढ़ महीना हो गया था। उसे नाक में नली डालकर बलपूर्वक दूध पिलाया जाता। वह हड्डियों का ढांचा रह गया था, तथापि उस बालक को, जिसे अन्न-त्याग किए डेढ़ महीना हो चुका था, आठ दिन तक हथकड़ियों में दिन भर खड़े रहने का दंड दिया गया। परंतु वह वीर रत्ती भर भी विचलित नहीं हुआ। साथ ही उसके दुःख के उद्वेगवश अन्य छह-सात जनों ने भी अन्न-त्याग किया। उन्हें खाली पेट आठ दिनों तक हथकड़ियों में
बेड़ियों का दंड मिला। नानी गोपाल को अन्न-त्याग करते हुए डेढ़ महीना हो गया था। उसे नाक में नली डालकर बलपूर्वक दूध पिलाया जाता। वह हड्डियों का ढांचा रह गया था, तथापि उस बालक को, जिसे अन्न-त्याग किए डेढ़ महीना हो चुका था, आठ दिन तक हथकड़ियों में दिन भर खड़े रहने का दंड दिया गया। परंतु वह वीर रत्ती भर भी विचलित नहीं हुआ। साथ ही उसके दुःख के उद्वेगवश अन्य छह-सात जनों ने भी अन्न-त्याग किया। उन्हें खाली पेट आठ दिनों तक हथकड़ियों में