तीसरी हड़ताल का अंत
उपर्युक्त शर्तों से यही दिखाई देगा कि हड़ताल की कुछ मांगे पूरी हो गई थी। दिल्ली से लिखकर आया था-‘यह सर्वथा अपरिवर्तित व्यवस्था है।’ तथापि इस तरह कितनी ही अपरिवर्तनीय व्यवस्थाएं राजबंदियों ने आंदोलन द्वारा बदली थी। अतः यह तय हो गया कि अपनी शक्ति के अनुसार जो मिल गया, उसको स्वीकार करें, जब तक कि दूसरा अवसर नहीं मिलता और सभी ने हड़ताल समाप्त करके काम प्रारंभ किया। शीध्र ही सावधि दंडित ( ज्मतउ.ब्वदअपबजे)
तीसरी हड़ताल का अंत
उपर्युक्त शर्तों से यही दिखाई देगा कि हड़ताल की कुछ मांगे पूरी हो गई थी। दिल्ली से लिखकर आया था-‘यह सर्वथा अपरिवर्तित व्यवस्था है।’ तथापि इस तरह कितनी ही अपरिवर्तनीय व्यवस्थाएं राजबंदियों ने आंदोलन द्वारा बदली थी। अतः यह तय हो गया कि अपनी शक्ति के अनुसार जो मिल गया, उसको स्वीकार करें, जब तक कि दूसरा अवसर नहीं मिलता और सभी ने हड़ताल समाप्त करके काम प्रारंभ किया। शीध्र ही सावधि दंडित ( ज्मतउ.ब्वदअपबजे)