हिंदुस्थान के कारागार में भेजे जाने लगे। जाते समय हमने उन्हें बता दिया कि देश में सतत अंदमानीय यंत्रनाओं को
प्रचारित करते रहो और देश से जब-जब भी बंदियों के चालान अंदमान आएंगे तब-तब स्वराष्ट्र के समाचार भेजते रहो। उन राजबंदियों को एक राज्य की बजाय सभी राज्यों में बिखरने से उनके लिए ये दो काम करना अधिक सुलभ हो गया, और उन्होंने ये दोनों काम यथासंभव भलीभांति निभाए।
सावधि दंडितों के रवाना होते ही कारागृह में आजीवन कारावास
हिंदुस्थान के कारागार में भेजे जाने लगे। जाते समय हमने उन्हें बता दिया कि देश में सतत अंदमानीय यंत्रनाओं को
प्रचारित करते रहो और देश से जब-जब भी बंदियों के चालान अंदमान आएंगे तब-तब स्वराष्ट्र के समाचार भेजते रहो। उन राजबंदियों को एक राज्य की बजाय सभी राज्यों में बिखरने से उनके लिए ये दो काम करना अधिक सुलभ हो गया, और उन्होंने ये दोनों काम यथासंभव भलीभांति निभाए।
सावधि दंडितों के रवाना होते ही कारागृह में आजीवन कारावास