मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas



यह सन् 1914 का वर्ष था। राजबंदियों के अंदमानीय आंदोलन तथा उसके वृत्तांत का पूर्वार्ध यहीं पर समाप्त होता है। आगे चलकर हिंदुस्थान की और इस जगत् की राजनीति में बड़े-बड़े परिवर्तन होते गए। उनके परिणाम के प्रभाव अंदमान के इस छोटे से उपनिवेश पर भी होने के कारण वहां के समाचारो का स्वरूप ही आमूलचूल बदल गया। पूर्वार्ध में मुख्यतः स्वावलंबनयुक्त जीवन जीने के लिए अत्यंत आवश्यक भूमिका निर्माण करने में राजबंदियों की शक्ति व्यय हो


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यह सन् 1914 का वर्ष था। राजबंदियों के अंदमानीय आंदोलन तथा उसके वृत्तांत का पूर्वार्ध यहीं पर समाप्त होता है। आगे चलकर हिंदुस्थान की और इस जगत् की राजनीति में बड़े-बड़े परिवर्तन होते गए। उनके परिणाम के प्रभाव अंदमान के इस छोटे से उपनिवेश पर भी होने के कारण वहां के समाचारो का स्वरूप ही आमूलचूल बदल गया। पूर्वार्ध में मुख्यतः स्वावलंबनयुक्त जीवन जीने के लिए अत्यंत आवश्यक भूमिका निर्माण करने में राजबंदियों की शक्ति व्यय हो


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