हमारे सहभोगी देशभक्तों को तो कुछ-न-कुछ सुविधा मिल ही गई। हमारे बंधु को और हमें वही रस्सा बटने का कष्टदायक काम करना पड़ा। आगे चलकर नासिक के अभियुक्त श्री वामनराव जोशी और मेरे बंधु को अन्य राजबंदियों की तरह एक साथ भोजन बनाने की अनुमति मिल गई। पर मुझे पहले की ही तरह एक इमारत में बंद रखा गया। अंदमानी प्रशासन का यह सूत्र ही निश्चित हो गया था, जो बारी कई बार कहात-‘अशांति का प्रमुख कारण सावरकर है। उन पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। उन्हें यथासंभव कोई भी सुविधा नहीं देनी चाहिए।’
हमारे सहभोगी देशभक्तों को तो कुछ-न-कुछ सुविधा मिल ही गई। हमारे बंधु को और हमें वही रस्सा बटने का कष्टदायक काम करना पड़ा। आगे चलकर नासिक के अभियुक्त श्री वामनराव जोशी और मेरे बंधु को अन्य राजबंदियों की तरह एक साथ भोजन बनाने की अनुमति मिल गई। पर मुझे पहले की ही तरह एक इमारत में बंद रखा गया। अंदमानी प्रशासन का यह सूत्र ही निश्चित हो गया था, जो बारी कई बार कहात-‘अशांति का प्रमुख कारण सावरकर है। उन पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। उन्हें यथासंभव कोई भी सुविधा नहीं देनी चाहिए।’