होते। और फिर अनेक लोग उसकी सेवा में तत्पर रहते। इसमें क्या आश्चर्य? इस तरह शेष आजन्म कारावास प्राप्त दंडितों में बहुत सारे लोगों का कारागृह की तुलना में सुलभ श्रम और अच्छा भोजन मिलने से उचित प्रबंध हो गया। परंतु यह सारा जुगाड़ होने पर भी, इस साधारण लाभ में भी हमें कुछ अधिक सुविधा नहीं मिली। हमें किसी भी तरह का लिखने का काम नहीं दिया गया। हमारी किसी कारखाने की देखरेख पर नियुक्ति नहीं की गई। हमें प्रमुख संतोष यह हुआ था कि
होते। और फिर अनेक लोग उसकी सेवा में तत्पर रहते। इसमें क्या आश्चर्य? इस तरह शेष आजन्म कारावास प्राप्त दंडितों में बहुत सारे लोगों का कारागृह की तुलना में सुलभ श्रम और अच्छा भोजन मिलने से उचित प्रबंध हो गया। परंतु यह सारा जुगाड़ होने पर भी, इस साधारण लाभ में भी हमें कुछ अधिक सुविधा नहीं मिली। हमें किसी भी तरह का लिखने का काम नहीं दिया गया। हमारी किसी कारखाने की देखरेख पर नियुक्ति नहीं की गई। हमें प्रमुख संतोष यह हुआ था कि