विवरण दिया गया है। उन पांच-छह वर्षों में राजबंदियों के संपर्क से, उनके प्रयासों से बंदियों के साथ आचरण आदि में जो अधिक मानवता का दर्शन होने लगा, उससे और विशेषतः राजबंदियों का अधिकारियों से जो अभिमान तथा प्रतिरोधपूर्ण व्यवहार होता रहा, उससे साधारण बंदियों का एकात्मक संगठन, उनका साहस, धैर्य आदि देखकर और यह देखते हुए कि एक को कष्ट में देखकर अन्य सारे बंदी किस तरह जी-जान से उसकी मुक्ति के लिए प्रयत्नरत होते हैं- अन्य बंदियों
विवरण दिया गया है। उन पांच-छह वर्षों में राजबंदियों के संपर्क से, उनके प्रयासों से बंदियों के साथ आचरण आदि में जो अधिक मानवता का दर्शन होने लगा, उससे और विशेषतः राजबंदियों का अधिकारियों से जो अभिमान तथा प्रतिरोधपूर्ण व्यवहार होता रहा, उससे साधारण बंदियों का एकात्मक संगठन, उनका साहस, धैर्य आदि देखकर और यह देखते हुए कि एक को कष्ट में देखकर अन्य सारे बंदी किस तरह जी-जान से उसकी मुक्ति के लिए प्रयत्नरत होते हैं- अन्य बंदियों