रूप में द्रव्य दान करते। उनमें से जिन्होंने हिंदी नहीं पढ़ी थी, वे हिंदी पढ़ना-लिखना सीखते। राजनीति, इतिहास, अर्थशास्त्र, प्रशासनशास्त्र जैसे विषयों, जो प्रत्येक देशप्रेमी के लिए आवश्यक हैं- पर चुनी हुई पुस्तकों की हमने जो एक साधारण सूची बनाई थी, उसके अनुसार वे पुस्तकें खरीद लेते और पढ़ते। संस्था की संचित निधि तथा संस्था के इस तरह के सभी व्यवहार अलिखित होते और उन्हें इस तरह चलाना पड़ता कि विरूद्व अधिकारियों की वक्रदृष्टि को यथासंभव उनका सुराग भी न लगे।
रूप में द्रव्य दान करते। उनमें से जिन्होंने हिंदी नहीं पढ़ी थी, वे हिंदी पढ़ना-लिखना सीखते। राजनीति, इतिहास, अर्थशास्त्र, प्रशासनशास्त्र जैसे विषयों, जो प्रत्येक देशप्रेमी के लिए आवश्यक हैं- पर चुनी हुई पुस्तकों की हमने जो एक साधारण सूची बनाई थी, उसके अनुसार वे पुस्तकें खरीद लेते और पढ़ते। संस्था की संचित निधि तथा संस्था के इस तरह के सभी व्यवहार अलिखित होते और उन्हें इस तरह चलाना पड़ता कि विरूद्व अधिकारियों की वक्रदृष्टि को यथासंभव उनका सुराग भी न लगे।