जग्गो ने कहा, 'हां, आए थे। कह गए हैं, दादा मुझसे ज़रा मिल लें।'
देवीदीन ने उदासीन होकर कहा, 'मिल लूंगा। यहां कोई बातचीत हुई?'
जग्गो ने पछताते हुए कहा, 'बातचीत क्या हुई, पहले मैंने पूजा की, मैं चुप हुई तो बहू ने अच्छी तरह फल-माला चढ़ाई।'
जालपा ने सिर नीचा करके कहा, 'आदमी जैसा करेगा, वैसा भोगेगा।'
जग्गो-'अपना ही समझकर तो मिलने आए थे।'
जालपा-'कोई बुलाने तो न गया था। कुछ दिनेश का पता चला, दादा!'
देवीदीन-'हां,
जग्गो ने कहा, 'हां, आए थे। कह गए हैं, दादा मुझसे ज़रा मिल लें।'
देवीदीन ने उदासीन होकर कहा, 'मिल लूंगा। यहां कोई बातचीत हुई?'
जग्गो ने पछताते हुए कहा, 'बातचीत क्या हुई, पहले मैंने पूजा की, मैं चुप हुई तो बहू ने अच्छी तरह फल-माला चढ़ाई।'
जालपा ने सिर नीचा करके कहा, 'आदमी जैसा करेगा, वैसा भोगेगा।'
जग्गो-'अपना ही समझकर तो मिलने आए थे।'
जालपा-'कोई बुलाने तो न गया था। कुछ दिनेश का पता चला, दादा!'
देवीदीन-'हां,