गबन - Gaban

हो इनकी गिरफ्तारी पर पांच सौ रूपये का इनाम है!'

देवीदीन-'आप लोगों के लिए इतना इनाम हुजूर क्या है। यह ग़रीब परदेसी आदमी हैं, जब तक जिएंगे आपको याद करेंगे।'

दारोग़ा -'बक-बक मत कर, यहां धरम कमाने नहीं आया हूं।'

देवीदीन-'बहुत तंग हूं हुजूर।दुकानदारी तो नाम की है।'

कांस्टेबल-'बुढिया से मांग जाके।'

देवीदीन-'कमाने वाला तो मैं ही हूं हुजूर, लड़कों का हाल जानते ही हो तन-पेट काटकर कुछ रूपये जमा कर रखे थे, सो अभी सातों-धाम किए चला आता हूं। बहुत तंग हो गया हूं।


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हो इनकी गिरफ्तारी पर पांच सौ रूपये का इनाम है!'

देवीदीन-'आप लोगों के लिए इतना इनाम हुजूर क्या है। यह ग़रीब परदेसी आदमी हैं, जब तक जिएंगे आपको याद करेंगे।'

दारोग़ा -'बक-बक मत कर, यहां धरम कमाने नहीं आया हूं।'

देवीदीन-'बहुत तंग हूं हुजूर।दुकानदारी तो नाम की है।'

कांस्टेबल-'बुढिया से मांग जाके।'

देवीदीन-'कमाने वाला तो मैं ही हूं हुजूर, लड़कों का हाल जानते ही हो तन-पेट काटकर कुछ रूपये जमा कर रखे थे, सो अभी सातों-धाम किए चला आता हूं। बहुत तंग हो गया हूं।


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