जग्गो-'रूपया जमा कर देंगे तब काहे को होगी। सरकार अपने रूपये ही तो लेगी?
देवीदीन-'नहीं पगली, ऐसा नहीं होता। चोर माल लौटा दे तो वह छोड़ थोड़े ही दिया जाएगा।'
जग्गो ने परिस्थिति की कठोरता अनुभव करके कहा, 'दारोग़ाजी, '
वह अभी बात भी पूरी न करने पाई थी कि दारोग़ाजी की मोटर सामने आ पहुंची। इंस्पेक्टर साहब भी थे। रमा इन दोनों को देखते ही मोटर से उतरकर आया और प्रसन्न मुख से बोला, 'तुम यहां देर से बैठे हो क्या दादा? आओ, कमरे में चलो। अम्मां, तुम कब आइ?'
जग्गो-'रूपया जमा कर देंगे तब काहे को होगी। सरकार अपने रूपये ही तो लेगी?
देवीदीन-'नहीं पगली, ऐसा नहीं होता। चोर माल लौटा दे तो वह छोड़ थोड़े ही दिया जाएगा।'
जग्गो ने परिस्थिति की कठोरता अनुभव करके कहा, 'दारोग़ाजी, '
वह अभी बात भी पूरी न करने पाई थी कि दारोग़ाजी की मोटर सामने आ पहुंची। इंस्पेक्टर साहब भी थे। रमा इन दोनों को देखते ही मोटर से उतरकर आया और प्रसन्न मुख से बोला, 'तुम यहां देर से बैठे हो क्या दादा? आओ, कमरे में चलो। अम्मां, तुम कब आइ?'