इन मसालों से सुखाई खोपड़ी पर, इस भोजपत्र के पुलिन्दों पर जिन पर ईश्वर के पवित्र वाक्य अंकित हैं, निगाह डालता हूं तो मुझे ऐसा ज्ञात होता है कि यह सब किसी मृत पराणी की वस्तुएं हैं। इनसे इतना घनिष्ठ सम्बन्ध होने पर भी, इनसे रातदिन का संग रहने पर भी मैं अब इन्हें पहचान नहीं सकता। आह ! यह सब चीजें ज्योंकी-त्यों हैं इनमें जरा भी परिवर्तन नहीं हुआ। अतएव मुझमें ही परिवर्तन हो गया है, मैं जो पहले था वह अब नहीं रहा। मैं कोई और
इन मसालों से सुखाई खोपड़ी पर, इस भोजपत्र के पुलिन्दों पर जिन पर ईश्वर के पवित्र वाक्य अंकित हैं, निगाह डालता हूं तो मुझे ऐसा ज्ञात होता है कि यह सब किसी मृत पराणी की वस्तुएं हैं। इनसे इतना घनिष्ठ सम्बन्ध होने पर भी, इनसे रातदिन का संग रहने पर भी मैं अब इन्हें पहचान नहीं सकता। आह ! यह सब चीजें ज्योंकी-त्यों हैं इनमें जरा भी परिवर्तन नहीं हुआ। अतएव मुझमें ही परिवर्तन हो गया है, मैं जो पहले था वह अब नहीं रहा। मैं कोई और