अलंकार - Alankar



उसने इस शंका के दमनार्थ धरती पर सिर रखकर ईश्वर की परार्थना की और इससे उसका चित्त शान्त हुआ। उसे परार्थना करते हुए एक घण्टा भी न हुआ होगा कि थायस की छाया उसकी आंखों के सामने से निकल गयी। उसने ईश्वर को धन्यवाद देकर कहा-परभू मसीह, तेरी ही कृपा से मुझे उसके दर्शन हुए। यह तेरी असीम दया और अनुगरह है, इसे मैं स्वीकार करता हूं। तू उस पराणी को मेरे सम्मुख भेजकर, जिसे मैंने तेरी भेंट किया है, मुझे सन्तुष्ट, परसन्न और आश्वस्त


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उसने इस शंका के दमनार्थ धरती पर सिर रखकर ईश्वर की परार्थना की और इससे उसका चित्त शान्त हुआ। उसे परार्थना करते हुए एक घण्टा भी न हुआ होगा कि थायस की छाया उसकी आंखों के सामने से निकल गयी। उसने ईश्वर को धन्यवाद देकर कहा-परभू मसीह, तेरी ही कृपा से मुझे उसके दर्शन हुए। यह तेरी असीम दया और अनुगरह है, इसे मैं स्वीकार करता हूं। तू उस पराणी को मेरे सम्मुख भेजकर, जिसे मैंने तेरी भेंट किया है, मुझे सन्तुष्ट, परसन्न और आश्वस्त


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