अलंकार - Alankar

क्योंकि स्वप्न में स्वयं आत्मिक वस्तु होने के कारण भौतिक वस्तु होने के कारण भौतिक वस्तुओं से उच्चतर है। स्वप्न वास्तव में वस्तुओं की आत्मा है। प्लेटो यद्यपि मूर्तिवादी था, तथापि उसने विचारों के अस्तित्व को स्वीकार किया है। भगवान नरपिशाचों के उस भोज में जहां तू मेरे साथ था, मैंने मनुष्यों को-वह पापमलिन अवश्य थे, किन्तु कोई उन्हें विचार और बुद्धि से रहित नहीं कह सकता-इस बात पर सहमत होते सुना कि योगियों को एकान्त, ध्यान


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क्योंकि स्वप्न में स्वयं आत्मिक वस्तु होने के कारण भौतिक वस्तु होने के कारण भौतिक वस्तुओं से उच्चतर है। स्वप्न वास्तव में वस्तुओं की आत्मा है। प्लेटो यद्यपि मूर्तिवादी था, तथापि उसने विचारों के अस्तित्व को स्वीकार किया है। भगवान नरपिशाचों के उस भोज में जहां तू मेरे साथ था, मैंने मनुष्यों को-वह पापमलिन अवश्य थे, किन्तु कोई उन्हें विचार और बुद्धि से रहित नहीं कह सकता-इस बात पर सहमत होते सुना कि योगियों को एकान्त, ध्यान


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