डॉक्टर-अच्छा, तुम मि. जॉन सेवक की बेटी हो? हम उसे जानता है; अभी बुलाता है।
रानी-किसी को अभी भेज दूँ?
सोफ़िया-कोई जल्दी नहीं है, आ जाएँगे। मैंने जिस आदमी को पकड़कर खींचा था, उसकी क्या दशा हुई?
रानी-बेटी, वह ईश्वर की कृपा से बहुत अच्छी तरह है। उसे जरा भी ऑंच नहीं लगी। वह मेरा बेटा विनय है। अभी आता होगा। तुम्हीं ने तो उसके प्राण बचाए। अगर तुम दौड़कर न पहुँच जातीं, तो आज न जाने क्या होता। मैं तुम्हारे ऋण से कभी मुक्त
डॉक्टर-अच्छा, तुम मि. जॉन सेवक की बेटी हो? हम उसे जानता है; अभी बुलाता है।
रानी-किसी को अभी भेज दूँ?
सोफ़िया-कोई जल्दी नहीं है, आ जाएँगे। मैंने जिस आदमी को पकड़कर खींचा था, उसकी क्या दशा हुई?
रानी-बेटी, वह ईश्वर की कृपा से बहुत अच्छी तरह है। उसे जरा भी ऑंच नहीं लगी। वह मेरा बेटा विनय है। अभी आता होगा। तुम्हीं ने तो उसके प्राण बचाए। अगर तुम दौड़कर न पहुँच जातीं, तो आज न जाने क्या होता। मैं तुम्हारे ऋण से कभी मुक्त