जगधार ने धोती ऊपर चढ़ा ली और सूरदास से लिपट गया। सूरदास ने उसकी एक टाँग पकड़ ली और इतनी जोर से खींचा कि जगधार धाम से गिर पड़ा। चारों तरफ से तालियाँ बजने लगीं।
बजरंगी बोला-वाह, सूरदास, वाह! नायकराम ने दौड़कर उसकी पीठ ठोंकी।
भैरों-मुझे तो कहते थे, एक ही झपट्टे में गिरा दोगे, तुम कैसे गिर गए?
जगधार-सूरे ने टाँग पकड़ ली, नहीं तो क्या गिरा लेते। वह अड़ंगा मारता कि चारों खाने चित गिरते।
नायकराम-अच्छा, तो एक बाजी और हो जाए।
जगधार ने धोती ऊपर चढ़ा ली और सूरदास से लिपट गया। सूरदास ने उसकी एक टाँग पकड़ ली और इतनी जोर से खींचा कि जगधार धाम से गिर पड़ा। चारों तरफ से तालियाँ बजने लगीं।
बजरंगी बोला-वाह, सूरदास, वाह! नायकराम ने दौड़कर उसकी पीठ ठोंकी।
भैरों-मुझे तो कहते थे, एक ही झपट्टे में गिरा दोगे, तुम कैसे गिर गए?
जगधार-सूरे ने टाँग पकड़ ली, नहीं तो क्या गिरा लेते। वह अड़ंगा मारता कि चारों खाने चित गिरते।
नायकराम-अच्छा, तो एक बाजी और हो जाए।