सब आ ही पहुँचे। इन सबों के मारे इधार रास्ता चलना कठिन हो गया है। बड़े हत्यारे हैं। सरकारी नौकरों को तो छोड़ना ही नहीं जानते। अब आप ही बचाएँ, तो मेरी जान बच सकती है।
इतने में पाँचों सवार सिर पर आ पहुँचे। उनमें से एक ने पुकारा-अबे, ओ डाकिए, इधार आ, तेरे थैले में क्या है?
विनयसिंह जमीन पर बैठे हुए थे। लकड़ी टेककर उठे कि इतने में एक सवार ने डाकिए पर भाले का वार किया। डाकिया सेना में रह चुका था। वार को थैले पर रोका। भाला
सब आ ही पहुँचे। इन सबों के मारे इधार रास्ता चलना कठिन हो गया है। बड़े हत्यारे हैं। सरकारी नौकरों को तो छोड़ना ही नहीं जानते। अब आप ही बचाएँ, तो मेरी जान बच सकती है।
इतने में पाँचों सवार सिर पर आ पहुँचे। उनमें से एक ने पुकारा-अबे, ओ डाकिए, इधार आ, तेरे थैले में क्या है?
विनयसिंह जमीन पर बैठे हुए थे। लकड़ी टेककर उठे कि इतने में एक सवार ने डाकिए पर भाले का वार किया। डाकिया सेना में रह चुका था। वार को थैले पर रोका। भाला