मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

के सुंदर सिद्वातों के आनंद में कर्म की व्यर्थता दुःखदायी प्रतीत नहीं होती। गुड़िया एक खिलौना है, यह जानने पर होनेवाली हताशावस्था उस िखलौने के आनंद से अनंत गुना आदंददायिनी वह प्रत्यक्ष सखी मिलने से नष्ट


होकर कर्माें का भूसा भरी गुड़िया का त्याग सुखकारक होता। भौतिक शास्त्रों से कर्मवियोग होकर कष्ट होता। वेदांत से कर्मत्याग की इच्छा सुखकारक प्रतीत होती। कई बार योगवासिष्ठादि गं्रथों का पठन करते-करते हाथों में धरा रस्सा हाथों


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के सुंदर सिद्वातों के आनंद में कर्म की व्यर्थता दुःखदायी प्रतीत नहीं होती। गुड़िया एक खिलौना है, यह जानने पर होनेवाली हताशावस्था उस िखलौने के आनंद से अनंत गुना आदंददायिनी वह प्रत्यक्ष सखी मिलने से नष्ट


होकर कर्माें का भूसा भरी गुड़िया का त्याग सुखकारक होता। भौतिक शास्त्रों से कर्मवियोग होकर कष्ट होता। वेदांत से कर्मत्याग की इच्छा सुखकारक प्रतीत होती। कई बार योगवासिष्ठादि गं्रथों का पठन करते-करते हाथों में धरा रस्सा हाथों


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