मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

उच्च कोटी की पुस्तकें पढ़ने की योग्यता एवं उत्कंठा उत्पन्न हो गई थी। उनके लिए हिंदी, मराठी आदि देशी भाषाओं में एक अच्छा-खासा गं्रथालय खोलना आवश्यक था। परंतु कहां, कैसे और किस मार्ग से? अंदमान के अधिकारियों की पढ़ने पर प्रतिबंध लग गया। एक बार तंबाकू खाना, चुगलिया खाना और अन्य बुरी लतों का भोग करना सुलभ था, परंतु दस जनों द्वारा संगठित रूप में चलाई गई ज्ञानार्जन की संस्था खुलेआम स्ािापित करना असंभव हो गया था। अतः पीछे जिस संस्था का उल्लेख किया गया है,


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उच्च कोटी की पुस्तकें पढ़ने की योग्यता एवं उत्कंठा उत्पन्न हो गई थी। उनके लिए हिंदी, मराठी आदि देशी भाषाओं में एक अच्छा-खासा गं्रथालय खोलना आवश्यक था। परंतु कहां, कैसे और किस मार्ग से? अंदमान के अधिकारियों की पढ़ने पर प्रतिबंध लग गया। एक बार तंबाकू खाना, चुगलिया खाना और अन्य बुरी लतों का भोग करना सुलभ था, परंतु दस जनों द्वारा संगठित रूप में चलाई गई ज्ञानार्जन की संस्था खुलेआम स्ािापित करना असंभव हो गया था। अतः पीछे जिस संस्था का उल्लेख किया गया है,


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